रजनीकांत को भिखारी समझBollywood हिन्दी लेख 

जब एक महिला ने सुपरस्टार रजनीकांत को भिखारी समझ कर 10 रूपये दिए, तो जाने फिर आगे क्या हुआ

ये तो सब जानते है कि रजनीकांत केवल साउथ इंडस्ट्री के ही नहीं बल्कि बॉलीवुड के भी काफी बड़े सुपरस्टार माने जाते है. जी हां यही वजह है कि बॉलीवुड और साउथ दोनों इंडस्ट्री के लोग रजनीकांत की काफी इज्जत करते है. मगर आपको जान कर हैरानी होगी कि इसी सुपरस्टार रजनीकांत को एक महिला ने भिखारी समझ कर 10 रूपये दिए थे. जी हां अब वो महिला कौन थी और उस महिला ने ऐसा क्यों किया, ये तो आपको पूरी कहानी पढ़ने के बाद ही पता चलेगा. तो चलिए अब आपको इस पूरी कहानी के बारे में विस्तार से बताते है.

गौरतलब है कि आने वाली बारह दिसंबर को रजनीकांत अपना 68 वां जन्म दिन मनाने वाले है. वही हम यहाँ जिस मामले की बात कर रहे है वो साल 2007 का है. जी हां दरअसल साल 2007 में एक महिला ने रजनीकांत को भिखारी समझ कर उन्हें 10 रूपये दिए थे. वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इसी साल रजनीकांत की फिल्म शिवजी द बॉस भी रिलीज़ हुई थी. इस फिल्म को दर्शको द्वारा खूब पसंद किया गया था. यहाँ तक कि इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छी सफलता हासिल की थी.

सुपरस्टार रजनीकांत को भिखारी समझ कर दिए 10 रूपये..

बरहलाल फिल्म को इतनी ज्यादा कामयाबी मिलने से रजनीकांत बेहद खुश थे. ऐसे में उन्होंने मंदिर जाने का फैसला किया और वो मंदिर चले गए. गौरतलब है कि मंदिर जाने से पहले ही उन्होंने अपनी पहचान बदल ली थी. जिसके बाद वह एक बुजुर्ग का गेट अप बना कर मंदिर गए. दरअसल मंदिर पहुँचने के बाद जब रजनीकांत मंदिर की सीढियाँ चढ़ रहे थे, तभी एक महिला भी मंदिर की सीढियाँ चढ़ रही थी.

ऐसे में जब उस महिला की नजर रजनीकांत पर पड़ी, तब उस महिला को ऐसा लगा कि यह काफी बुजुर्ग आदमी और गरीब है. जिसके चलते उस महिला ने रजनीकांत को भिखारी समझ कर उन्हें 10 रूपये दे दिए. यहाँ तक कि रजनीकांत ने महिला द्वारा दिए गए पैसे रख भी लिए. हालांकि जब महिला को पता चला कि वह भिखारी नहीं बल्कि रजनीकांत है, तब उस महिला ने रजनीकांत से माफ़ी भी मांगी.

इस दौरान रजनीकांत ने उस महिला से कहा कि आपके द्वारा दिए गए पैसे मेरे लिए भगवान् के आशीर्वाद की तरह है. इसके साथ ही रजनीकांत ने कहा कि आप इसी तरह से अपना प्यार हमेशा मुझ पर बनाएं रखे. बरहलाल अब तो आप समझ गए होंगे कि आखिर उस महिला ने रजनीकांत को भिखारी समझ कर दस रूपये क्यों दिए थे.

अब यूँ तो दान करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन जब सामने वाला इतने प्यार से दान लेता है तब उसकी दान की कीमत सच में बढ़ जाती है.

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